Post gratuate started in churu medical college from next session

22.07.2022
चूरू जिले को चार साल बाद मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक और सौगात मिली है। चूरू के राजकीय पं. दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल काॅलेज से एमबीबीएस करने वाले स्टूडेंट अब डिग्री पूरी करने के बाद यहीं से पोस्ट ग्रेजुएशन की भी डिग्री ले सकेंगे। इसके लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंस (आरयूएचएस) जयपुर ने चूरू मेडिकल काॅलेज में 7 सीटें स्वीकृत की हैं। इनमें 4 सीटें एमडी पैथोलोजी एवं 3 सीटें एमडी मेडिसिन के लिए आबंटित की है। इन सीटाें पर अगले सत्र से प्रवेश भी शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि प्रदेश में सबसे ज्यादा 17 सीटें पाली के मेडिकल कॉलेज को मिली है। अधिकारियों का कहना है कि पीजी शुरू करने से पहले चूरू मेडिकल कॉलेज में नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम द्वारा 7 सीटाें के लिए निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही कमियां मिलने पर इसे जल्द ही पूरा करवा कर अगले सत्र से काउंसलिंग कर सभी सीटाें पर प्रवेश दिया जाएगा। बतादें कि चूरू मेडिकल काॅलेज काे एमबीबीएस की मान्यता मिलने के बाद 2018 में पहला सत्र शुरू हुआ था। यहां फिलहाल एमबीबीएस के 500 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। अब यहां अगले सत्र से पीजी भी हाे सकेगी।

पाली को सर्वाधिक 17, भीलवाड़ा व भरतपुर काे मिली 14-14 सीटें, डूंगरपुर को सबसे कम 4

राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस जयपुर द्वारा पाली काे 17 सीट के अलावा भीलवाड़ा और भरतपुर के मेडिकल कॅालेज काे 14-14 सीटें और चूरू काे 7 व डूंगरपुर काे 4 सीटें पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए स्वीकृत की गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि पाली काॅलेज काे एमडी फिजियाेलाॅजी, एमएस एनाटॅामी और एमडी पैथोलॉजी के लिए 4-4 सीटें और ​​​​​​​एमडी कम्यूनिटी मेडिसिन के लिए 5 सीटाें का आवंटन किया है। भीलवाड़ा मेडिकल काॅलेज काे एमडी कम्यूनिटी मेडिसिन के लिए 6 सीट, एमडी पैथोलॉजी व एमडी माइक्राेबायाेलाॅजी के लिए 4-4 सीटें, भरतपुर मेडिकल काॅलेज काे एमडी पैथाेलाॅजी, एमडी माइक्राेबायाेलाॅजी काे 3-3 सीटें, एमडी कम्यूनिटी मेडिसिन में 6 सीटें और ​​​​​​​एमएस एनाटॅामी में 2 सीटी स्वीकृत की गई है।

इसी तरह चूरू मेडिकल काॅलेज में एमडी पैथोलॉजी में 4 सीट व एमडी कम्यूनिटी मेडिसिन में 3 सीटें और ​​​​​​​डूंगरपुर मेडिकल कॅालेज में एमडी फार्माकोलॉजी में 2 सीट और ​​​​​​​एमडी कम्युनिटी मेडिसिन में 2 सीट स्वीकृत की हैं।

Online fraud with churu CMHO

09.07.2022
अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भंवरलाल सर्वा आनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं। इस संबंध में उन्होंने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।कोतवाली सीआई सतीश कुमार यादव ने बताया कि चूरू की जय अंबे कॉलोनी निवासी डॉ. भंवर लाल सर्वा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई की उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया। जिसने कहा कि बोस क्या हाल-चाल है। आवाज उन्हे अपने किसी परिचित की लगी। बातचीत के दौरान उसने अपने रुपए उनके फ ोन पे पर जमा कराने के लिए कहा, जिस पर उन्होने स्वीकृति दे दी। जिस पर उनके मोबाइल नंबर पर 30000 रुपए जमा होने का मैसेज भेजा और साथ ही वेरीफाई कोड भेजा। कोड को एंटर करने के बाद पिन नम्बर लगाए तो उनके खाते से 5 बार में 1 लाख 70 हजार रुपए निकल गए। गौरतलब है कि साइबर शातिरों की ओर से नए तरीकों से आमजन को ठगा जा रहा है।दिलचस्प बात यह है कि बैंक व पुलिस के अधिकारियों की से लगातार कोई भी गुप्त जानकारी किसी अपरिचित व्यक्ति को नहीं बताने के लिए कहा जाता है।लेकिन तमाम चेतावनियों के बावजूद लोग शातिरों की चाल में फंस जाते हैं।पुलिस सूत्रों की माने तो ठगे जाने वालों में अनपढ़ के बजाए शिक्षित वर्ग जिसमें चिकित्सक, शिक्षक, पुलिसकर्मी सहित प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं।शातिरों का नेटवर्क इतना तेज होता है कि पुलिस को गिरफ्तार करने के लिए पूरा जोर लगाना पड़ता है।लेकिन इसके बावजूद भी पकड़ने में सफलता नहीं मिल पाती है।

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Mohalla clinic start in churu

25.06.2022
दिल्ली के माेहल्ला क्लीनिक की तर्ज पर अब चूरू में भी जनता क्लीनिक शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए दाे स्थान चिह्नित किए हैं। राज्य सरकार ने तीन साल पहले बजट में जनता क्लीनिक की घाेषणा की थी।काेविड के कारण याेजना ठंडे बस्ते में चली गई, अब नए सिरे से इसे लेकर कवायद शुरू की गई है। कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने बताया कि अगले सप्ताह तक शुरू कर देंगे। चिकित्सा स्टाफ लगाने की सीएमएचओ की जिम्मेदारी है।राज्य के सभी सीएमएचओ काे निर्देशित किया है कि जनता क्लीनिक जल्द फंक्शनल किए जाएं। इसी के तहत चूरू में दो स्थानों पर यह क्लीनिक चलाने की तैयारी है। कलेक्टर व सीएमएचओ संबंधित चिकित्सा अधिकारियों की बैठक भी ले चुके।

प्रदेश में पहले चरण में 142 क्लीनिक खुलने थे, मात्र 15 खुल पाए
इस योजना की पूरे प्रदेश में स्थिति जांची तो सामने आया कि पहले चरण में पूरे राजस्थान में 142 जनता क्लीनिक खुलने थे, जिनमें से मात्र 15 खुल पाए हैं। इनमें से भी 12 अकेले जयपुर में खुले हैं और 3 क्लीनिक बांसवाड़ा और जालौर में संचालित हैं।इसके अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में यह क्लीनिक शुरू नहीं हुए हैं। चूंकि यह सीएम की बजट घोषणा का हिस्सा है, इसलिए अब अधिकारी इसे लेकर हरकत में आए हैं और आगामी एक-दो माह में पहले चरण में स्वीकृत सभी क्लीनिक फंक्शनल करने का दावा कर रहे हैं।इतना ही नहीं, जहां क्लीनिक फंक्शनल किए गए हैं, वहां भी व्यवस्थाएं बिगड़ी हुई हैं। जयपुर में संचालित ज्यादातर क्लीनिक से डॉक्टर रिलीव किए जा चुके हैं, क्योंकि वे सभी डेपुटेशन लगे हुए थे और हाल ही में चिकित्सा विभाग ने सभी डेपुटेशन रद्द कर दिए।
एक क्लीनिक पर डाॅक्टर समेत सात कर्मचारियों की टीम
एक डाॅक्टर, एक स्टाफ नर्स, एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट, सहायक कर्मचारी और स्वीपर यहां लगाए जाएंगे। इनकी नियुक्ति जिला स्वास्थ्य समिति व प्लेसमेंट एजेंसी करेगी। प्रत्येक क्लीनिक करीब 20 हजार लाेगाें की आबादी कवर करेगा।प्राथमिकता कच्ची बस्तियाें काे दी जाएगी। प्रत्येक क्लीनिक नजदीकी पीएचसी या सीएचसी से संबद्ध हाेगा, ताकि व्यवस्थाएं सुचारु चलती रहें।

मोहल्ला क्लीनिक में सभी दवाइयां निशुल्क मिलेगी
शुरुआती दाैर में इन क्लीनिक पर आठ तरह के टेस्ट भी हाे सकेंगे। इनमें हीमाेग्लाेबिन, मलेरिया और डेंगू कार्ड टेस्ट, ब्लड शुगर, वीडीआरएल रैपिड टेस्ट, एचआईवी कार्ड टेस्ट, यूरीन एल्बुमिन शुगर, यूरीन प्रेग्नेंसी टेस्ट शामिल हैं। इसके अलावा सरकार की निशुल्क दवा याेजना में शामिल जरूरी दवाइयां भी यहां मिल पाएंगी।

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