Terror of rats

छत्तीसगढ़ के बस्तर में 700 करोड़ की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में चूहे मुसीबत बन गए हैं। बीते दिनों उन्होंने सीटी स्कैन मशीन का तार काट दिया। इससे दो दिन तक जांच बंद रही थी। अब चूहे मरीजों के लिए खतरा बन रहे हैं। ये उन्हें चढ़ाए जाने वाले ग्लूकोज तक को पी जा रहे हैं।

1500 चूहे मारे, 5-6 हजार अभी भी मौजूद
चूहों से निजात पाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इन्हें मारने का टेंडर निकाला। इसके लिए 10 से 12 लाख रुपए का बजट रखा गया है। फिलहाल रायपुर की एक निजी कंपनी ने टेंडर लिया है, जो अब चूहे मारने और दफनाने में लगी हुई है।बीते एक महीने में 1500 से अधिक चूहे मारकर दफनाए जा चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन का अनुमान है कि अभी करीब 4 से 5 हजार चूहे अस्पताल में मौजूद हैं।

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Staff not available in chhattisgarh hospital

23.07.2022
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में कलेक्टर ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया तो 11 डॉक्टर गायब मिले। इसके अलावा 16 मेडिकल स्टाफ भी ड्यूटी पर नहीं थे। जिसके बाद इन सब को नोटिस जारी किया गया है। इनसे अब नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कहा गया है कि यदि नोटिस का उचित जवाब नहीं दिया जाता है तो इन पर कार्रवाई होगी।जिले के कलेक्टर राहुल देव ने अचानक जिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर पता चला कि कई स्टाफ ड्यूटी पर नहीं हैं। उसके अलावा कई डॉक्टर भी नहीं थे। इस पर कलेक्टर राहुल देव ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद उन्होंने CMHO को निर्देश दिए कि इन सब को नोटिस जारी किया जाए। यदि जवाब उचित नही मिले तो सबके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कलेक्टर के निर्देश के बाद ही इन्हें नोटिस जारी किया गया था।ये डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिलेड्यूटी के समय कार्य में अनुपस्थित डॉक्टरों एवं मेडिकल स्टाफ में डाॅ. के. एस. कंवर पैथोलॉजी विशेषज्ञ, डाॅ. देवेश खाण्डे नेत्र रोग विशेषज्ञ, डाॅ. अभिषेक सिंह एवं डाॅ. श्रेयांस पारख अस्थिरोग विशेषज्ञ, डाॅ. कविता प्रसाद, डाॅ सौम्या गौरहा, डाॅ. आकांक्षा बघेल, डाॅ. नेहा राजपूत एवं डाॅ. दिनेश साहू चिकित्सा अधिकारी। वहीं प्रतिमा रानी गेंदले रिकॉर्ड किपर, दिलीप बसंत, श्वेता सोनी नर्स,अनिता शुक्ला, प्रहलाद सिंह ठाकुर, अनिल मरकांडेय ऑडियोलॉजिस्ट समेत 16 स्टाफ भी ड्यूटी के वक्त का मौजूद नहीं थे।

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hundred centres have been locked

22.06.2022
आम मरीजों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध हों, इसके लिए केंद्र सरकार ने 2016 में प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना का शुरुआत की और छत्तीसगढ़ में 223 स्टोर भी खुले, लेकिन पिछले दो-तीन साल में इनमें से 100 स्टोर में ताले लग चुके हैं।पड़ताल में यह बात सामने आई कि बीते एक साल में 123 जनऔषधि स्टोर्स से 15 करोड़ रुपए की दवाइयां बिकी हैं। अगर यह सामान्य दुकानों से खरीदी जातीं तो 75 करोड़ रुपए से ज्यादा की होतीं, इस तरह जनऔषधि केंद्रों ने मरीजों के करीब 60 करोड़ रुपए बचा लिए हैं। अफसरों और कारोबारियों के मुताबिक सौ स्टोर बंद नहीं होते और वहां बिक्री इतनी ही होती तो मरीजों के 60 करोड़ रुपए और बच सकते थे। छत्तीसगढ़ में जनऔषधि सेंटरों से दवाइयों की बिक्री बढ़ने लगी है।मिले आंकड़ों के मुताबिक मई 2022 में देशभर में संचालित जनऔषधि केंद्रों से 100 करोड़ की दवाएं बिकीं, लेकिन इनमें से 2.5 करोड़ रुपए की दवाइयां छत्तीसगढ़ में ही बिक गई हैं। यहां मांग बढ़ रही है, यही वजह है कि नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में तत्काल नए जनऔषधि केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं, ताकि मरीजों की जेब पर दवाइयों का बोझ कम पड़े।रायपुर में चल रहे जनऔषधि केंद्रों तक पहुंची। यहां रुटीन में इस्तेमाल में आने वाली बीपी, शुगर और हाईपरटेंशन समेत अन्य जरूरी दवाएं कॉम्बिनेशन के साथ उपलब्ध हैं। 700 दवाओं की सूची चस्पा है। उधर, राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर खोले हैं। इन स्टोर में भी सस्ती दवाइयां मुहैया करवाई जा रही हैं।

जनसेवा केंद्रों पर80 प्रतिशत तक सस्ती दवा मिलती है
जनऔषधि केंद्रों की दवाओं में 50 से 80 प्रतिशत तक की छूट होती है। इन दवाओं की खरीदी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा की जाती है, जो नॉन ब्रांडेड होती हैं। सिर्फ फॉर्मूला बेस्ड होती हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता की जांच के लिए केंद्रीय मंत्रालय की स्पेशल टीम काम करती है।

गौरतलब है, 22 मार्च 2022 को जनऔषधि दिवस पर पीएम मोदी ने कहा था – जनऔषधि केंद्रों से 800 करोड़ की दवाएं बिकी हैं। सरकार मध्यम वर्ग के लोगों की जेब से धन बचाकर उन्हें फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। यह मेडिसिन रिवोल्यूशन है।’

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Doctor surprised to see Rahul’s normal BP, pulse in hospital after removing Rahul who fell in borewell in Janjgir Champa, Chhattisgarh

16.06.2022
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल में फंसे राहुल को 106 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन बाद मंगलवार देर रात सुरक्षित निकाल लिया गया। रेस्क्यू के फौरन बाद उसे बिलासपुर के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। राहुल शुक्रवार को दोपहर करीब 2 बजे 60 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था। प्रशासन, SDRF, NDRF और सेना ने इस ऑपरेशन को बिना रुके अंजाम दिया। ये देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन बताया जा रहा है। इससे पहले हरियाणा के कुरूक्षेत्र में 21 जुलाई 2006 को 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 5 साल के प्रिंस को 50 घंटे में बचाया गया था।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे। वो राहुल के परिजनों के संपर्क में थे। मंगलवार रात उन्होंने सोशल मीडिया पर रेस्क्यू ऑपरेशन कामयाब होने की जानकारी दी। CM ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान गड्‌ढे में एक सांप भी आ गया था। मगर खतरा टल गया। काफी लोग घटनास्थल के पास मौजूद थे।जैसे ही राहुल को बाहर निकाला गया जवानों ने भारत माता की जय के नारे लगाए। लोगों ने रेस्क्यू टीम के लिए तालियां बजाईं और पटाखे चलाए। लोगों ने SDRF, NDRF और सेना के जवानों को गोद में उठा लिया।

Prerna award and scheme

National Population stabilization Fund

Prerna Award: In order to help push up the age of marriage of girls and space the birth of children in the interest of health of young mothers and infants, JSK launched PRERNA, a Responsible Parenthood strategy in all districts of seven high focus states namely Bihar, Uttar Pradesh, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Jharkhand, Odisha and Rajasthan. The strategy has been to identify the couple and award couples who have broken the stereotype of early marriage, early childbirth and repeated child birth and have helped change the mindsets of the community.

 

Prerna Scheme: In order to become eligible for award under the scheme, the girl should have been married on or after 19 years of age and given birth to the first child after at least 2 years of marriage. The couple will get an award of Rs.10,000/- if it is a Boy child or Rs.12,000/- if it is a Girl child. If birth of the second child takes place after at least 3 years of the birth of first child and either parent voluntarily accept permanent method of family planning within one year of the birth of the second child, the couple will get an additional award of Rs.5,000/- (Boy child) / Rs.7,000/- (Girl child). The amount of award will be given to the beneficiaries in their Adhar linked account through DBT.
The scheme is meant only for BPL families.

Attached – Prerna yojana scheme guideline and application format