22.07.2022
आनुवंशिक और पारिवारिक सहित विभिन्न सामाजिक-आर्थिक कारणों से बहुत से लोग मानसिक व मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जागरूकता व चिकित्सा सुविधाओं सहित विशेषज्ञों की कमी के कारण उपचार अंतर दर 40-90 फीसदी है। ऐसे में राष्ट्रीय मानसिक आरोग्य व स्नायु विज्ञान संस्थान (निम्हांस) और नीति आयोग के सहयोग से इस वर्ष 25 जनवरी को शुरू की गई ब्रेन हेल्थ इनिशिएटिव परियोजना रंग ला रही है।बेंगलूरु, कोलार और चिकबल्लापुर जिले में इसे प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था। सैकड़ों चिकित्सकों को मानसिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों की जांच और प्राथमिक उपचार के क्षेत्र में प्रशिक्षण मिला है।सामान्य चिकित्सकों को भी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की जानकारी दी जा रही है। देश में यह अपनी तरह का पहला है। अभी तक बेंगलूरु, कोलार और चिकबल्लापुर के 100 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के चिकित्सकों को प्रशिक्षण मिला है।
आशा कार्यकर्ताओं को भी किया शामिल
स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों और घरों में तंत्रिका संबंधी विकारों वाले मरीजों की जांच करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर शीघ्र पहचान और उपचार प्रदान किया जा सके।
अपने पीएचसी को जानें’ अभियान
निम्हांस ‘अपने पीएचसी को जानें’ अभियान शुरू करेगा, जहां प्रशिक्षित पीएचसी चिकित्सक विभिन्न डिजिटल और इन-पर्सन मंच का उपयोग करके मस्तिष्क स्वास्थ्य के बारे में जानकारी साझा करेंगे। मस्तिष्क स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले संदेशों का प्रसार किया जाएगा।
⇓ Share post on Whatsapp & Facebook ⇓