Research on dementia

डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति की न केवल याददाश्त कमजोर हो जाती है दिमाग की सामंजस्य बैठाने की क्षमता घटती है, जिससे मरीज को कई समस्याएं होने लगती हैं। लैंसेट जर्नल में प्रकाशित 24 से ज्यादा शोधों पर किए गए एनालिसिस में पता चला है कि यदि रोजाना के कामों में कुछ बदलाव किए जाएं तो इसके खतरे को 35% तक घटाया जा सकता है।

ऐसे कम करें डिमेंशिया का रिस्क
1. सुनने की क्षमता का सीधा संबंध: कम सुनाई देने के कारण व्यक्ति सामाजिक रूप से घुलने-मिलने में कतराने लगता है। ऐसे मेें दिमाग की समन्वय की क्षमता घटती है। नतीजा याददाश्त घटने लगती है।

2. ब्लड प्रेशर को रखें संतुलित: ब्लड प्रेशर में गड़बड़ी से दिल के काम करने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे फ्री रेडिकल्स बढ़ने लगते हैं। इससे तनाव व इंफ्लामेशन बढ़ता है, जो न्यूरॉन्स को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे मस्तिष्क की क्षमता प्रभावित होने लगती है।

3. डायबिटीज को नियंत्रित करें: बढ़ी हुई डायबिटीज के नियंत्रित नहीं होने पर यह दिमाग में पहुंचने लगती है, जो कोशिकाओं को क्षति पहुंचाती है।

5.5 करोड़ लोग डिमेंशिया के शिकार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो दुनिया में 5.5 करोड़ लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं। इनमें से 60% मरीज लो या मिडिल इनकम देशों में रहते हैं। भूलने की बीमारी के ज्यादातर मरीज बुजुर्ग ही होते हैं। WHO के मुताबिक, साल 2030 तक मरीजों की संख्या बढ़कर 7.8 करोड़ हो जाएगी। वहीं, साल 2050 तक यह आंकड़ा 13.9 करोड़ पर पहुंच जाएगा।

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Free mobile van for better health

29.07.2022
चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के लिए मोबाइल हैल्थ वैन शुरू​​​​​​​राजीविका की ब्रांड एंबेसडर एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रूमा देवी की पहल से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क मेडिकल सेवाएं देने के लिए दुबई के एस्टर फाउंडेशन, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन और रूमा देवी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय मोबाइल हेल्थ वैन का उद्घाटन कार्यक्रम इंद्रप्रस्थ रिसोर्ट में आयोजित हुआ।इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी ने हस्तशिल्पी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि रूमा देवी फाउंडेशन और ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान द्वारा अलग-अलग सेक्टरों में बिना किसी भेदभाव से मानव कल्याण के लिए सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि इस एस्टर मोबाइल हेल्थ वेन द्वारा गांव-गांव, ढाणी- ढाणी जाकर जो चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, वह निश्चित रूप से ग्रामीणों के लिए वरदान साबित होगी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरेंद्र भाकर ने कहा कि डाॅ. रूमादेवी की इस सराहनीय पहल से आज बाड़मेर जिले को जो हेल्थ मोबाइल वैन मिल रही है, यह चिकित्सा विभाग के लिए भी खुशी की बात है। अध्यक्षता कर रहे कमांडेंट सेक्टर हेड क्वार्टर (बीएसएफ) देवेंद्र सिंह ने कहा कि सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए रोजी-रोटी के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रूमा देवी फाउंडेशन द्वारा जो अनूठी गतिविधियां आयोजित की जा रही है। उसमें आप और हम सभी मिलकर सकारात्मक सोच के साथ सहयोग प्रदान कर इनका हौसला अफजाई करें। कार्यक्रम में एस्टर डीएम फाउंडेशन के सीएसआर हेड जलील पी.ए., ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन के सीईओ नौफल पीके ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

उद्घाटन से पहले 3 दिन लगाए मेगा शिविर:
रूमा देवी फाउंडेशन द्वारा इनोग्रेशन प्रोग्राम से पहले तीन दिन तक अलग-अलग गांवों में मेगा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें दुबई, बेंगलुरु, कोच्चि के चिकित्सक टीमों जिसमें बाल रोग, स्त्री रोग विशेषज्ञ के स्पेशलिस्ट डॉक्टर द्वारा निशुल्क सेवाएं देकर पंचायत सनावड़ा, खेमपुरा, पोकरासर, मंगले की बेरी, बामणोर, कगाऊ, सोडियार, महाबार, दानजी की होदी, अंबेडकर कॉलोनी, राम नगर, बलदेव नगर के बारह सौ से महिलाओं को लाभान्वित किया।

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Doctors tranfer

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने कई चिकित्सकों का स्थानांतरण व पदस्थापन के आदेश जारी किए गए हैं। कुछ ऐसे स्थान है जहां चिकित्सकों की अति आवश्यकता होने के पश्चात चिकित्सकों के तुरंत प्रभाव से तबादले किए जाते हैं

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