22.07.2022
जिले के बीडीके अस्पताल में चिरंजीवी योजना लागू होने के बाद मोतियाबिंद के ऑपरेशन दोगुना हाे गए हैं। लेकिन इसके उलट सर्जरी और ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन पहले की तुलना में कम हाे गए हैं। बीडीके अस्पताल के ऑपरेशन संबंधित आंकड़ाें में यह जानकारी सामने आई है। इस साल जनवरी से जून तक पांच महीने के दाैरान अस्थि विभाग, मेडिकल सर्जरी और आई यूनिट में हुए ऑपरेशन काे लेकर सामने आया कि आंखाें के ऑपरेशन की तादाद पांच साल में सर्वाधिक हाे गई है।बीडीके अस्पताल में 2019-20 में पूरे साल 879 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए थे। जाे 2020-21 में घटकर 530 ही रह गए। लेकिन इसके बाद चिरंजीवी याेजना शुरू हाेने के बाद 2021-22 में यह आंकड़ा 1231 पर पहुंच गया। इस साल अब तक तीन महीने में ही 756 के मोतियाबिंद के ऑपरेशन हाे चुके हैं। पहले हर महीने बीडीके अस्पताल में 73 मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन हाेते थे। यह आंकड़ा अब 252 पहुंच गया है।अस्पताल में चार नेत्र विशेषज्ञाें काे टारगेट देकर ऑपरेशन करा रहे हैं और ऑपरेशन डे भी हफ्ते में दाे कर दिए हैं। संसाधन बढ़ा रहे हैं। चिरंजीवी याेजना का भी लाभ मिल रहा है। – डाॅ. वीडी बाजिया, पीएमओ, बीडीके अस्पताल
एक सही फैसले से मिली मरीजों काे राहत, पांच महीने में रिकाॅर्ड 1250 ऑपरेशन
बीडीके अस्पताल में पहले हर सप्ताह एक बार मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जाते थे। चिकित्सकाें की संख्या बढ़ी ताे सप्ताह में दाे बार ऑपरेशन डे रखने का फैसला लिया। इससे ऑपरेशनों की संख्या दाेगुना हाे गई। पांच महीने के दाैरान बीडीके में रिकार्ड 1250 ऑपरेशन हाे चुके हैं। जाे बीते पांच साल में सर्वाधिक आंकड़ा है। इसमें जनवरी में 113, फरवरी में 178, मार्च में 203, अप्रैल में 224, मई में 250 और जून में 282 मोतियाबिंद के ऑपरेशन हुए हैं।
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