हमें यह वास्तविकता स्वीकार करनी होगी कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचा है। आइटी-बीटी तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण ने यह बात कही।नेस्कॉम के दसवें स्वास्थ्य विज्ञान तथा स्वास्थ्य सुरक्षा तकनीक नवाचार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जब तक हम आधनिक चिकित्सा सुविधाएं आम लोगों तक नहीं पहुंचाते, तब तक समग्र विकास का दावा नहीं कर सकते। ये सुविधाएं केवल संपन्न लोग तथा शहरों तक ही सीमित नहीं रहें बल्कि समाज के हर वर्ग को उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा तथा चिकित्सा देश के गिने चुने शहरों तक ही सीमित है। इन हालात को बदलना होगा। केवल प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से ये सुविधाएं गांवों तक पहुंचना संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रति वर्ष चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र पर दस हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। लेकिन सरकारी चिकित्सा शिक्षा कॉलेज में शिक्षा प्राप्त करनेवाले चिकित्सक शिक्षा पूरी होने के बाद देहातों में सेवा देने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन की ओर से ऐसी सेवा अनिवार्य करने के बावजूद अधिकतर चिकित्सक जुर्माना भर कर देहातों में सेवा देने से इनकार कर रहे हैं।
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