Modern medical services in Banglore

हमें यह वास्तविकता स्वीकार करनी होगी कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचा है। आइटी-बीटी तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सीएन अश्वथनारायण ने यह बात कही।नेस्कॉम के दसवें स्वास्थ्य विज्ञान तथा स्वास्थ्य सुरक्षा तकनीक नवाचार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जब तक हम आधनिक चिकित्सा सुविधाएं आम लोगों तक नहीं पहुंचाते, तब तक समग्र विकास का दावा नहीं कर सकते। ये सुविधाएं केवल संपन्न लोग तथा शहरों तक ही सीमित नहीं रहें बल्कि समाज के हर वर्ग को उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा तथा चिकित्सा देश के गिने चुने शहरों तक ही सीमित है। इन हालात को बदलना होगा। केवल प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों से ये सुविधाएं गांवों तक पहुंचना संभव नहीं है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रति वर्ष चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र पर दस हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। लेकिन सरकारी चिकित्सा शिक्षा कॉलेज में शिक्षा प्राप्त करनेवाले चिकित्सक शिक्षा पूरी होने के बाद देहातों में सेवा देने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन की ओर से ऐसी सेवा अनिवार्य करने के बावजूद अधिकतर चिकित्सक जुर्माना भर कर देहातों में सेवा देने से इनकार कर रहे हैं।

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Genetic sequencing in banglore

18.07.2022
कोरोना वायरस का डेल्टा संस्करण और इसकी उप-वंशावली जुलाई से अक्टूबर 2021 तक प्रभावी थी और नवंबर 2021 के अंत में भारत में पहली ओमिक्रॉन उपस्थिति का पता चला था।जुलाई 2021 से जून 2022 के बीच राज्य के विभिन्न लैबों से लिए गए 12,800 पॉजिटिव नमूनों की जेनेटिक सीक्वेंसिंग (आनुवांशिक अनुक्रमण) की गई। करीब 100 वंश पाए गए। इनमें से 44.4 फीसदी डेल्टा और इसके 75 उप-वंश थे।जीनोमिक्स-आधारित अनुसंधान और निदान कंपनी स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज ने रविवार को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि नवंबर में पहली बार ओमिक्रॉन संस्करण का पता चलने के बाद, यह जनवरी 2022 के अंत तक तेजी से बढ़कर 100 फीसदी के करीब पहुंच गया। इस समय तक डेल्टा उप-वंश तकरीबन दिखाई नहीं दे रहे थे।कुल 30 ओमिक्रॉन उपऌ-वंशों की पहचान की गई, जिनमें से बीए.1, बीए.2, बीए.2.10 और बीए.3 उल्लेखनीय थे। जनवरी से मई 2022 तक बीए.2 और इसकी उप-वंशावली हावी रही। बीए.1 और बीए.3 ने भी कुछ उपस्थिति बरकरार रखी। अप्रेल और मई 2022 में बीए.5 की एक छोटी उपस्थिति का पता चला था। जून 2022 में, बीए.2 और इसके उप-वंश ने करीब 74 लोगों को संक्रमित किया। बीए.5 और इसके उप-वंशों ने जून 2022 में 20 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की।प्रदेश में बीते 24 घंटे में कोविड के 944 नए मामले दर्ज हुए और 670 लोग संक्रमण मुक्त हुए। प्रदेश में अब कोविड के 7,569 उपचाराधीन मरीज हैं। अब तक संक्रमित कुल 39,86,320 लोगों में से 39,38,620 लोगाें ने कोरोना वायरस को मात दी है।स्वास्थ्य विभाग ने धारवाड़ में कोविड से एक मरीज के मौत की पुष्टि की। इसके साथ ही कुल मृतकों की तादाद 40,089 पहुंच गई है। प्रदेश में रविवार को कोविड जांच पॉजिटिविटी दर 3.25 फीसदी रही।बेंगलूरु शहर में कोविड के 799 नए मामले सामने आने से कुल संक्रमितों की संख्या 18,19,445 पहुंच गई। हालांकि, इनमें से 17,95,594 लोग कोरोना वायरस को मात देने में कामयाब हुए हैं। शहर में अब 6,878 मरीजों का उपचार जारी है।धारवाड़ जिले में 17, दक्षिण कन्नड़ जिले में 16, बेंगलूरु ग्रामीण और उत्तर कन्नड़ जिले में 11-11 और चिकबल्लापुर जिले में सात नए मामले सामने आए हैं।स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को कुल 29,022 कोविड नमूने जांचे और 24,063 लोगों का टीकाकरण हुआ। 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के 4,807 लोगों ने एहतियाती खुराक ली।

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