🚨 राजस्थान कर्मचारी अब खुद बना सकेंगे प्रोफाइल, खुद अपडेट कर सकेंगे डेटा — APAR भरना होगा आसान राजस्थान सरकार के RajKaj PAR (APAR) Module में महत्वपूर्ण सुविधा दी गई है। अब कर्मचारी स्वयं अपना यूजर प्रोफाइल बना सकते हैं और प्रोफाइल डेटा अपडेट भी कर सकते हैं, जिससे APAR भरने में आने वाली तकनीकी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी। पहले कई कर्मचारियों को प्रोफाइल नहीं बनने या डेटा अपडेट नहीं होने के कारण APAR भरने में परेशानी आ रही थी। इस वजह से कई लोग अंतिम तिथि से पहले APAR भर ही नहीं पाते थे। अब नई सुविधा के बाद कर्मचारी खुद प्रोफाइल बनाकर और आवश्यक जानकारी अपडेट करके समय पर APAR भर सकेंगे। — 📌 क्या नई सुविधा दी गई है राजकाज PAR मॉड्यूल में अब कर्मचारी ✅ अपना यूजर प्रोफाइल स्वयं बना सकते हैं ✅ PAR में आवश्यक प्रोफाइल डेटा खुद अपडेट कर सकते हैं — 📌 कौन-कौन सी जानकारी अपडेट कर सकते हैं अब कर्मचारी PAR मॉड्यूल में स्वयं यह जानकारी अपडेट कर सकते हैं — ✔ पदनाम (Designation) ✔ पदस्थापन विभाग (Posted Department) ✔ पदस्थापन कार्यालय (Posted Office) ✔ जॉइनिंग दिनांक (Date of Joining) ✔ गृह जिला (Home District) ✔ पिता का नाम (Father’s Name) — 📌 कैसे करें अपडेट 1️⃣ SSO Portal पर लॉगिन करें 2️⃣ RajKaj → PAR Module में जाएं 3️⃣ प्रोफाइल के सामने Fetch Details / Update पर क्लिक करें 4️⃣ आवश्यक जानकारी अपडेट कर Save / Submit करें 5️⃣ कुछ समय बाद HRMS डेटा PAR Module में Sync हो जाएगा। — 📌 क्यों महत्वपूर्ण है यह सुविधा पहले कई कर्मचारियों की ❗ प्रोफाइल बनी नहीं होती थी ❗ HRMS और PAR डेटा मैच नहीं होता था जिसके कारण APAR भरने में समस्या आती थी। अब कर्मचारी स्वयं प्रोफाइल अपडेट करके अंतिम तिथि से पहले APAR भर सकेंगे। — 📌 सुझाव: जिन कर्मचारियों ने अभी तक APAR नहीं भरी है, वे पहले अपना Profile Data अपडेट कर लें, ताकि अंतिम तिथि से पहले APAR भरने में कोई तकनीकी समस्या न आए।
Rajasthan PAR module self update features
ACR/PAR Initiation and Hierarchy management
हर साल हर सरकारी कर्मचारी को ACR APAR भरनी होती है, जिसके लिए आवश्यक है कि पहले इसे initiate किया जावे|
पूरी जानकारी दिए गए लिंक के विडियो से जानें और आसानी से पांच मिनट में कार्य पूर्ण करें|
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सेवारत चिकित्सकों की एसीआर आईपीआर का ब्यौरा जारी – बाबूराज को फटका
Jaipur (Rajasthan) October 2019
सेवारत चिकित्सकों को प्रतिवर्ष वार्षिक प्रतिवेदन (ACR APR) और अचल संपत्ति विवरण (IPR) विभाग में भरकर देना होता है, वर्ष 2016 के बाद से ये ऑनलाइन भरे जाते हैं, पहले की स्थिति में ऑफलाइन सिस्टम था ।
पदोन्नति के लिए चिकित्सकों को प्रत्येक वर्ष का वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन (APR/ACR) एवं अचल संपत्ति विवरण (IPR) जमा करवाना होता है, लेकिन इस ACR और IPR का निदेशालय में कोई धणी-धोरी नहीं है, चिकित्सक अपना अपना रेकॉर्ड समय से भेज भी दें तो यह रास्ते मे पता नहीं कहाँ कहाँ अटक जाता है, और इस अनुभाग में पहुंच भी जाये तो दांयी से बांयी टेबल पर नहीं आता, वहां भी कमियां निकाल कर पटक दिया जाता है, भोग की आस में । चिकित्सक तो ये सोचकर आराम से बैठे होते हैं कि उनका रेकॉर्ड तो पहुंच गया है, और 1 अप्रैल को उनकी पदोन्नति हो जाएगी, उन्हें क्या पता कि किस बिल और भोलाराम के जीव में अटक रखा है उनका रिकॉर्ड ।
2019 मई माह में डीओपी द्वारा पदोन्नति किये जाने वाले चिकित्सकों का रिकॉर्ड मांगे जाने पर निदेशालय के बाबूराज द्वारा आधा अधूरा रिकॉर्ड पकड़ा दिया जाता है, कायदे से रिकॉर्ड देने से पहले आंकड़े सार्वजनिक किए जाते हैं कि किसका कौनसा रेकॉर्ड बकाया है ताकि वो अपना अटका रिकॉर्ड निकलवा सके और कुछ बकाया हो तो जमा करवा सके । लेकिन बिना सूचित किये ही अधकचरे को आगे भिजवाया गया और 15 जून 2019 को जारी हुई लिस्ट में 1700 में से करीब 600 की ही पदोन्नति की गई, इसमें भी सीनियरिटी का ध्यान नहीं रखा गया है, चार ACR वाले का नाम है लेकिन सैंकड़ों ऐसों का नाम नहीं है जिनकी पूरी 6 जमा थी, यानी भयंकर गफलत हुई है जिससे राज्य के हजार चिकित्सक तनाव में हैं ।
एक सरकारी चिकित्सक सैंकड़ों किलोमीटर यात्रा करके निदेशालय में मात्र इसलिए जाता है कि उसे यह पता लगे की उसकी कौनसी ACR or IPR बकाया है, वह चिकित्सक वहां जाकर बाबूराज से मिन्नतें करता हुआ दिखता है, घूस वाली चाय भी पिलाता है । ऐसी स्थिति में सरकारी डॉक्टर द्वारा श्रीमान एसीएस महोदय को इस भयावह स्थिति से अवगत करवाया, साथ ही अरिसदा द्वारा भी सहयोग दिया गया तो एसीएस महोदय ने कई ऑनलाइन सहूलियतें देने की हामी भरी जिनमें से एक था ACR IPR का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना, यह ब्यौरा सार्वजनिक किया गया है, नीचे संलग्न है ।
- ऑनलाइन की स्थिति में जिनका ACR स्टेटस Initiated हैं, यानि इनकी ACR इनके राजकाज खाते में अनछुई पड़ी है इसे फटाफट से भरकर सबमिट करें, आगे कहीं पेंडिंग है तो उसके लिए जिम्मेदार सम्बंधित अधिकारी हैं ।
बाकी जिनकी ACR IPR बकाया है वे जल्द से जल्द इसकी पूर्ती करावें क्यूंकि एसीएस महोदय के आदेशों से जल्द ही DACP होने जा रही है ।
IMMOVABLE PROPERTY REPORT (IPR) ONLINE STATUS ON DOP WEBSITE –
ANNUAL PERFORMANCE APPRAISAL REPORTS FILLING AUTHORITIES (NEW) –
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प्रमोशन की आस में बिलखता सरकारी डॉक्टर
एक तरफ सरकार कम चिकित्सकों का रोना रोती है और दूसरी तरफ जो चिकित्सक सेवा में हैं उन्हें दर्द देने में कोई कसर नहीं छोड़ती है, चाहे वो मूलभूत संसाधनों की बात हो या चिकित्सा के अलावा अन्य कामों में उलझाए जाने या फिर विभागीय लफड़ों में अटका देने जैसे बहुत से फसाद ।
लेकिन अगर एक आज के मोटे दर्द की बात कि जाए तो वह है समयबद्ध पदोन्नति ।
पूर्व में चिकित्सक अपनी सेवा के शुरूआती पदों जैसे कि चिकित्सा अधिकारी या वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी या कनिष्ठ विशेषज्ञ के पदों पर ही पूरी जिन्दगी सेवा करते हुए सेवानिवृत हो जाते थे, वक़्त के साथ जागरूकता एवं मांग हुई कि चिकित्सकों को समयबद्ध पदोन्नति दी जाए, लेकिन ऊपर के पद कम थे इसलिए डीपीसी (The Departmental Promotion Committee) में कुछेक के प्रमोशन होते थे, हालात वही रहे तो मांग फिर तेज हुई और मिला केन्द्र की तर्ज पर डीएसीपी (Central Health Service (CHS) Officers in Central Government are governed by the Dynamic Assured Career Progression (DACP) Scheme), यानि समयबद्ध पदोन्नति, जैसे कि एक चिकित्सक को सेवा में आने के बाद प्रमोशन मिलेंगे 6-6 साल बाद, इसमें भी आगे कई विसंगतियां हैं लेकिन उनके लिए मांग जारी है ।
प्रमोशन को लेकर राजस्थान में बड़ी बड़ी हड़तालें और समझौते तक हो चुके हैं, बड़ा समझौता हुआ था कि हर साल को एक अप्रेल तक के जितने प्रमोशन बकाया होंगें वे एक अप्रेल को आगे की पे ग्रेड में प्रमोट कर दिए जायेंगे, लेकिन वही ढाक के तीन पात । आगे के प्रमोशन को तो छोड़ो, पहले प्रमोशन के ही लाले पड़ रहे हैं ।
2017 में सरकारी वादा हुआ कि आगे से हर साल कि एक अप्रेल को विगत साल के समस्त बकाया प्रमोशनों की लिस्ट जारी कर दी जायेगी, अच्छा लगा, जय जयकार हुई, मजा आया, लेकिन दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि यह मजा आभासी निकला, करीब 1500 डॉक्टरों के प्रमोशन 1 April 2018 को होने थे, एक अप्रेल को वो सुबह से नहा धोकर पूजा की थाली ले, पूरे दिन विभाग और अरिसदा की जय जयकार करते हुए इन्तजार करते रहे कि कब वो समझौते कि मोहर लगी प्रमोशन लिस्ट जारी हों और चिकित्सा अधिकारी हो जाएँ वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, दिन ढल गया रात हो गयी, अगला दिन चला गया, अगला महीना चला गया अप्रेल 2018 से अप्रेल 2019 आ गयी, वरिष्ठ बनने कि लालसा पाले वो बेचारा आम एमओ, त्रिविम में झाँक रहा है, मई 2019 आ गया है ।
एक साल एक्स्ट्रा गुजर गया, लेकिन कुछ नहीं, हालाँकि बीच में एक बार सीनियरटी लिस्ट जरूर डाली गयी थी जिसमें 2011 वाले को 2007 वाले सीनियर बता रखा था, आवेदन मांगे गए कि कोई कमी लगे तो बताओ, लोगों ने कमियां बताई, फिर लिस्ट जारी हुई, लगभग सभी कमियां वैसी कि वैसी थी, फिर से लिस्ट जारी हुई, ज्यादातर कमियां सेम कि सेम, लोगों ने दो बार अप्लिकेशन देदी कि मेरी गलती सुधार दो लेकिन कोई धणी-धोरी नहीं ।
1 अप्रेल 2018 तक करीब 1500 चिकित्सकों का प्रमोशन बकाया था, अप्रेल 2019 में फिर बहुत से बढ़ गए ।
सुना है कि अभी इन 1500 चिकित्सकों का डेटा कार्मिक विभाग भेजा गया है ताकि DACP कि कारवाई हो, वो डेटा ? हाँ वही जो एकदम फर्जी था । लोगों ने दो दो बार अपनी ACR जमा करवा दी लेकिन जवाब मिलता है कि आपकी ACR/APR (Annual Progress Report) नहीं आई । किसी कि कहते हैं IPR (Immovable Property Return – Yearly) नहीं आई, जबकि वो जमा करवा चुका, कार्मिक विभाग को डेटा भेजने से पहले एक बार संशोधन का मौका तो दिया जाता ना कि किसका क्या आधा अधुरा है । निदेशालय में कोई ऐसी जगह नहीं है जहाँ से यह पता किया जा सके कि किस कर्मचारी का किस वर्ष का ACR & IPR जमा है और किस वर्ष का नहीं, जिलों से ACR भेजे जाते रहे हैं लेकिन यहाँ नहीं पहुँचते, ना ही कोई पावती दी जाती है, ना ही डेटा ऑनलाइन किया गया, किसी को कोई लेना देना नहीं है, सरकारी डॉक्टर बस बिलखता रहे, ना विभाग, ना विभाग के आला अधिकारी । विभागीय लक्ष्यों और कार्यक्रमों के आंकड़े इन्हें फटाफट और सही चाहिए, सब उपस्थित, युनिफोर्म और सफाई जोरदार चाहिए, कहते हैं नाकारा सामान हटाओ, अजी असली नाकारा सामान तो स्वास्थ्य भवन का बाबूराज है, जिनके कारण से एक अप्रेल को होने वाला प्रमोशन अगली एक अप्रेल को पार कर गया है, जिन 1500 चिकित्सकों का डेटा कार्मिक विभाग भेजा गया है उनमें से करीब एक हजार के कागजों में कुछ ना कुछ दिक्कत है और उनके प्रमोशन “डेफर” किये जा रहे हैं, यानी ठन्डे बस्ते में, और यह बस्ता इतना ठंडा है कि काफी गरम करने के बाद ही फ़ाइल यहाँ से खिसकती है, और बड़ी बात यह कि असल में ACR कि जरुरत ही DPC के लिए होती है, DACP तो बिना किसी कागज़ के नियत समय पर कर दी जाती है ।
लेकिन सुने कौन ???
किसे सामने गिडगिडायें ?
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों के सामने ? मीडिया के सामने ? कोर्ट के सामने ? संघ के सामने ? या फिर स्वास्थ्य विभाग के बाबूराज के आगे दण्डवत हो जावें, यह मान लें कि चिकित्सा विभाग का बाबु ही भगवान है और वो जितनी खैरात विभाग के अपने जैसे तथाकथित अधिकारीयों को बाँट दे उसे लेकर जय जयकार करते रहें ? क्या करें ?
आप ही बतावें ।
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वार्षिक प्रतिवेदन भरा जाएगा ऑनलाइन
सरकारी विभागों में बदलाव की दिशा में सबसे बड़ा कदम है कर्मचारियों के “वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन” को ऑफलाइन के बजाय ऑनलाइन भरा जाना |
सभी कर्मचारियों को अपने अधिकारीयों से पहले अपने राजकाज अकाउंट (SSO LOGIN) पर मैपिंग करवानी है उसके बाद एसीआर भरके उसे सबमिट करना है जो कि सम्बंधित उच्च अधिकारीयों के माध्यम से विभाग में पहुँच जायेगी, इस से मिलेगा पारदर्शी माहौल, त्वरित काम और झिक झिक से आराम |
चिकित्सा विभाग से वर्ष 2018-19 के लिए आदेश जारी किये जा चुके हैं – (संलग्न है)
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन का नया सिस्टम यहाँ से जानें
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Annual Performance Appraisal reports filling authorities
अरिसदा और चिकित्सकों की लम्बे समय से मांग थी की राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों के वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन/ annual performance appraisal (APA)/annual confidential report (ACR) विभागीय अधिकारीयों द्वारा ही भरी जानी चाहिए, जबकि पहले ये रिपोर्ट्स समीक्षा के लिए पंचायती-राज के कार्यकारी अधिकारीयों और जिला कलेक्टर आदि के पास जाती थी !
लम्बी लड़ाई के बाद यह आदेश जारी हुआ है की सभी प्रतिवेदन विभागीय अधिकारीयों द्वारा भरे जायेंगे और विभागीय अधिकारी ही समीक्षा करेंगे, यानि पंचायती राज से मुक्ति की दिशा में एक बड़ा कदम राज्य के चिकित्सकों ने रख दिया है ! बधाई !
| Medical Directorate
कार्मिक |
रिपोर्टिंग ऑफिसर | रिव्युइंग ऑफिसर | असेप्टिंग ऑफिसर | आगे जाएगी | |||||||||||||||||
| (a) Director (PH) | ACS/Pr. Secretary | Chief Secretary | Health Minister | DOP | |||||||||||||||||
| Med. & Health | |||||||||||||||||||||
| (b) Diretor (FW) | Secretary Family | Chief Secretary | Health Minister | DOP | |||||||||||||||||
| Welfare (Comments | |||||||||||||||||||||
| of ACS/PHS | |||||||||||||||||||||
| (c) Director (AIDS) | ACS/Pr. Secretary | Chief Secretary | Health Minister | DOP | |||||||||||||||||
| Medical & Health | |||||||||||||||||||||
| (d) Director (MSU) | ACS/Pr. Secretary Medical & Health |
Chief Secretary | Health Minister | DOP | |||||||||||||||||
| (a) Addi. Director NRHM/RCH/IEC |
Director/PD (Concerned | Secretary FW | Health Minister | DOP | |||||||||||||||||
| Programme) | |||||||||||||||||||||
| (b) Addi. Director (others) |
Director/PD (Concerned Programme) | ACS/ Pr. Secretary Medical & Health |
Health Minister | DOP (more…) | |||||||||||||||||
Biggest survey on Panchaytiraj
अरिसदा के संघर्ष से हाल ही में दो बड़े सकारात्मक फैसले हुए हैं –
- आरएम्आरएस के अध्यक्ष चिकित्सा विभाग के अधिकारी ही होंगें
- कार्मिकों का वार्षिक प्रतिवेदन विभागीय अधिकारीयों द्वारा ही भरा जायेगा
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जानिए कौन भरेगा किसकी प्रतिवेदन रिपोर्ट और कौन करेगा रिव्यू ??
Annual Confidential Report (ACR)/Annual Performance Assessment Report (APAR)
Annual Confidential Report (ACR) / Annual Performance Assessment Report (APAR)
यह पुराना सिस्टम है, अरिसदा की डिमांड मान लिए जाने के बाद से चिकित्सा विभाग के अधिकारी ही इसकी समीक्षा करेंगें |
वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन का नया सिस्टम यहाँ से जानें